Reserve Bank of India अब डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। आरबीआई ने ‘Kill Switch’ नाम के एक नए फीचर का प्रस्ताव रखा है, जिसका मकसद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन्स की सुरक्षा को मजबूत करना है। इस फीचर के जरिए यूजर्स को अपने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को उसी तरह ऑन/ऑफ करने की सुविधा मिल सकती है, जैसे वे अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड के लिए करते हैं—चाहे वो घरेलू भुगतान हो या अंतर्राष्ट्रीय।
इस पहल से डिजिटल फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। National Cyber Crime Reporting Portal के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में करीब 28 लाख डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के केस सामने आए, जिनमें कुल 22,931 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई।
‘Kill Switch’ फीचर लागू होने के बाद ग्राहक अपने मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर के जरिए तुरंत अपने बैंक खाते की डिजिटल सेवाओं को बंद कर सकेंगे। इससे फंड ट्रांसफर, ऑनलाइन बैंकिंग और अन्य पेमेंट सेवाएं अस्थायी रूप से रुक जाएंगी। इन सेवाओं को दोबारा चालू करने के लिए बैंक द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
गौर करने वाली बात यह है कि Singapore में यह सुविधा पहले से मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई का सुझाव है कि ग्राहकों को एक क्लिक में अपने खाते से सभी डिजिटल ट्रांजैक्शन बंद करने का विकल्प दिया जाए। यदि यह फीचर अकाउंट लेवल पर एक्टिव होता है, तो पहले से लागू सभी पेमेंट सेटिंग्स अपने आप निष्क्रिय हो जाएंगी।
जैसा कि अभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड में होता है—जहां यूजर ट्रांजैक्शन को बंद या लिमिट सेट कर सकता है—वैसी ही सुविधा डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी देने की योजना है। हालांकि, ‘Kill Switch’ एक्टिव होने के बाद सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए उचित वेरिफिकेशन जरूरी होगा, जिसे ऐप, वेबसाइट या बैंक ब्रांच के जरिए पूरा किया जा सकेगा।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कुछ जरूरी ट्रांजैक्शन जैसे EMI या सब्सक्रिप्शन पेमेंट इस फीचर से बाहर रह सकते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह सुविधा ग्राहकों के लिए ऑप्शनल होगी या अनिवार्य।
इसके अलावा, ऑनलाइन पेमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई पहले ही एक और प्रस्ताव दे चुका है, जिसमें 10,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी लगाने की बात कही गई है।


