सोचिए, आपका महंगा iPhone अचानक चोरी हो जाए। लेकिन असली झटका तब लगे, जब उसी चोरी हुए फोन की मदद से आपका बैंक अकाउंट भी खाली कर दिया जाए। सुनने में ये किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन आजकल साइबर अपराधियों का यही नया तरीका बन चुका है। इसे “हाइब्रिड साइबर फ्रॉड” कहा जा रहा है, जिसमें निशाना उन iPhone यूजर्स को बनाया जाता है जिनका फोन चोरी हो चुका हो या कहीं गुम हो गया हो। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C ने भी इस तरह की ठगी को लेकर लोगों को अलर्ट किया है।
इस फ्रॉड का तरीका बेहद चालाकी भरा होता है। जैसे ही किसी का iPhone चोरी होता है, कुछ घंटों या एक-दो दिन बाद उसके नंबर पर एक SMS आता है। मैसेज में लिखा होता है कि आपका iPhone ब्लॉक कर दिया गया है और उसे दोबारा एक्सेस करने के लिए दिए गए लिंक पर तुरंत क्लिक करें। मैसेज के आखिर में “Apple Support” जैसा नाम देखकर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं, क्योंकि उस वक्त उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपना फोन वापस पाने पर होता है।
असल में यही साइबर ठगों का जाल होता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, सामने iCloud जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट खुल जाती है। वेबसाइट बिल्कुल असली Apple पेज जैसी दिखाई देती है, इसलिए धोखा समझ पाना आसान नहीं होता। यहां यूजर से Apple ID, पासवर्ड और मोबाइल पर आया OTP मांगा जाता है। जैसे ही ये जानकारी डाली जाती है, ठग तुरंत “Find My iPhone” फीचर बंद कर देते हैं। इसके बाद फोन की लोकेशन ट्रैक करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
इतना ही नहीं, फोन में मौजूद पूरा डेटा भी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकता है। आपकी फोटो, ईमेल, कॉन्टैक्ट्स, व्हाट्सऐप चैट्स और दूसरी निजी जानकारियां उनके कब्जे में पहुंच सकती हैं। अगर फोन में बैंकिंग ऐप्स या पेमेंट डिटेल्स सेव हैं, तो बैंक अकाउंट तक भी सेंध लगाई जा सकती है। यानी एक छोटी सी गलती आपको भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
अगर आपका iPhone चोरी हो जाए या गुम हो जाए, तो सबसे पहले किसी भी SMS में आए लिंक पर क्लिक करने से बचें। Apple कभी भी इस तरह मैसेज भेजकर लॉगिन डिटेल्स या OTP नहीं मांगता। सबसे पहले “Find My iPhone” की मदद से फोन की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश करें। कई बार iPhone स्विच ऑफ होने के बाद भी कुछ समय तक अपनी लोकेशन भेजता रहता है।
अगर फोन मिलने की उम्मीद कम लगे, तो तुरंत फोन का डेटा रिमोटली erase यानी फॉर्मेट कर दें, ताकि आपका निजी डेटा सुरक्षित रहे। इसके अलावा साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत जरूर दर्ज कराएं। साथ ही सरकार के संचार साथी पोर्टल पर जाकर फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कराने की रिक्वेस्ट भी डालें, ताकि फोन का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।
और सबसे जरूरी बात — चाहे फोन चोरी हो जाए, कोई खुद को Apple Support बताए या किसी लिंक पर क्लिक करने को कहे, कभी भी OTP शेयर मत कीजिए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपका फोन ही नहीं, आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी खतरे में डाल सकती है।


