ओटीपी शेयर करते ही अकाउंट खाली हो जाना आज साइबर ठगी का सबसे आम तरीका बन चुका है। रोज़ाना हजारों लोग इस जाल में फंसते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा निशाना घर के बुजुर्गों को बनाया जाता है। कई बार लोग सोचते हैं कि काश सिर्फ एक ओटीपी से ट्रांजैक्शन पूरा न हो और सुरक्षा की कोई दूसरी परत भी हो। अब ऐसा ही एक कदम हरियाणा में उठाया गया है, जहां लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए डुअल ओटीपी ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू किया गया है।
हरियाणा के गुरुग्राम, पंचकूला, नूंह, फरीदाबाद और पलवल जैसे जिलों में इस नई सुविधा की शुरुआत की गई है। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, निवेश ठगी और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचाने के लिए इसे लागू किया गया है।
इस सिस्टम में अब केवल एक नहीं, बल्कि दो ओटीपी की जरूरत होगी। हरियाणा पुलिस के अनुसार, निजी बैंकों के सहयोग से शुरू किए गए इस फीचर में वरिष्ठ नागरिक अपने बैंक खाते के साथ परिवार के किसी भरोसेमंद सदस्य का मोबाइल नंबर भी जोड़ सकते हैं। जब भी कोई लेन-देन होगा, दो अलग-अलग ओटीपी जनरेट होंगे और दोनों नंबरों पर भेजे जाएंगे। ट्रांजैक्शन तभी पूरा होगा जब दोनों ओटीपी सही तरीके से दर्ज किए जाएंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सुविधा को सबसे पहले गुरुग्राम और पंचकूला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था। इसके अच्छे परिणाम देखने के बाद अब इसे दूसरे जिलों तक बढ़ाया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक इस पहल का हिस्सा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही अन्य बैंक भी इसे अपनाएंगे।
इसके साथ ही हरियाणा पुलिस ने व्यापारियों, कारोबारियों और प्रमुख हस्तियों की सुरक्षा के लिए “अभेद्य” नाम का एक नया सेफ्टी ऐप भी लॉन्च किया है। हाल के दिनों में गुरुग्राम और राज्य के अन्य हिस्सों में कई व्यापारियों, बिल्डरों और फैशन डिजाइनरों को विदेशों से संचालित गिरोहों द्वारा रंगदारी के कॉल मिल रहे थे। कुछ मामलों में फायरिंग जैसी घटनाएं भी सामने आईं। इन्हीं खतरों को देखते हुए यह ऐप तैयार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इसकी इंस्टॉलेशन फाइल सीधे यूज़र्स को दी जाएगी। यह ऐप गैंगस्टरों की ओर से आने वाले कॉल्स, मैसेज और वॉयस नोट्स को ब्लॉक करेगा, उन्हें डिवाइस से हटाएगा और साथ ही बैकएंड सिस्टम के जरिए ऐसे कॉल्स को ट्रैक करने में भी मदद करेगा।
हरियाणा की यह पहल साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों मोर्चों पर एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

