सर्दियों के मौसम में एड़ियों का फटना एक बेहद आम समस्या है। हर साल ठंड बढ़ते ही बड़ी संख्या में लोग इस परेशानी से जूझने लगते हैं। हमारे कई दर्शकों ने भी मेल और कमेंट्स के ज़रिए बताया है कि उन्हें सर्दियों में फटी एड़ियों की समस्या बार-बार परेशान करती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सर्दियों में एड़ियां फटती क्यों हैं और इससे बचाव व इलाज क्या है?
सर्दियों में एड़ियां फटने के कारण
ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है। पैरों की एड़ियों पर स्किन मोटी होती है और जब नमी की कमी होती है, तो वहां दरारें पड़ने लगती हैं। इसके अलावा कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी एड़ियां फटने का कारण बन सकती हैं, जैसे डायबिटीज, थायरॉइड, और सोरायसिस। शरीर में विटामिन A और विटामिन E की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है।
फटी एड़ियों से बचाव कैसे करें?
एड़ियों को फटने से बचाने के लिए पैरों को पर्याप्त नमी देना बेहद ज़रूरी है। दिन में कई बार मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए भरपूर पानी पिएं। ऐसी क्रीम का चुनाव करें जो त्वचा में नमी को बनाए रखने में मदद करे। इसके लिए यूरिया-बेस्ड क्रीम, सैलिसिलिक या लैक्टिक एसिड वाली क्रीम उपयोगी हो सकती हैं। ग्लिसरीन, ह्यूमेक्टेंट और पेट्रोलियम जेली भी एड़ियों को मुलायम रखने में मदद करती हैं।
फटी एड़ियों का इलाज
रोज़ाना रात को गुनगुने पानी में 10 से 15 मिनट तक पैर भिगोकर रखें। चाहें तो पानी में थोड़ा नमक मिला सकते हैं, लेकिन अगर एड़ियां बहुत ज्यादा फटी हों तो नमक न डालें। इसके बाद हल्के हाथों से झावा, प्यूमिस स्टोन या लूफ़ा की मदद से एड़ियों को साफ करें। ध्यान रखें कि ज़्यादा रगड़ न लगाएं। पैरों को अच्छी तरह सुखाने के बाद मोटी परत में क्रीम लगाएं और हल्की मसाज करें। फिर कॉटन के मोज़े पहन लें। सिंथेटिक मोज़ों से बचें, क्योंकि वे नमी को सोखने नहीं देते। रातभर कॉटन के मोज़े पहनकर रखने से त्वचा को नमी अच्छी तरह मिलती है। अगर एड़ियां बहुत ज़्यादा फटी हों, तो क्रीम लगाने के बाद उन्हें पॉलिथीन या सेलोफेन से ढक सकते हैं, ताकि मॉइस्चर बेहतर तरीके से स्किन में समा सके।
घरेलू नुस्खे भी हो सकते हैं कारगर
कुछ घरेलू उपाय भी फटी एड़ियों में राहत दे सकते हैं। नारियल के पानी में ग्लिसरीन और थोड़ी हल्दी मिलाकर एड़ियों पर लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह पैर धो लें और कॉटन के मोज़े पहनें। इसके अलावा, पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर उसमें पैरों को कुछ देर डुबोकर रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
एलोवेरा जेल या देसी घी लगाने से भी एड़ियों की रूखापन कम होता है और त्वचा मुलायम बनती है।
कब सतर्क होना ज़रूरी है
अगर एड़ियां बहुत ज़्यादा फट गई हों, तेज़ दर्द हो, त्वचा लाल पड़ गई हो, सूजन आ गई हो या पस निकल रही हो, तो लापरवाही न करें और तुरंत किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सलाह किसी भी प्रकार से चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। त्वचा संबंधी गंभीर समस्या, तेज़ दर्द, सूजन या संक्रमण की स्थिति में कृपया योग्य डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


