भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज अंडर-19 एशिया कप मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर है। भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता दिया, यह सोचकर कि छोटा लक्ष्य मिलेगा और मुकाबला आसान रहेगा। लेकिन उनके इस फैसले पर पाकिस्तानी ओपनर समीर मिन्हास ने पानी फेर दिया।
समीर मिन्हास ने भारतीय गेंदबाज़ों पर पूरी तरह हावी रहते हुए महज़ 71 गेंदों में शतक जड़ दिया। उन्होंने 117 गेंदों में 172 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने 8 विकेट के नुकसान पर 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इस टूर्नामेंट में समीर ने अब तक खेले गए 5 मैचों में 157.00 की औसत से 471 रन बना लिए हैं।
पाकिस्तान की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही और हमजा ज़हूर का विकेट जल्दी गिर गया। इसके बाद समीर मिन्हास ने उस्मान खान के साथ दूसरे विकेट के लिए 92 रनों की अहम साझेदारी की। इस दौरान मिन्हास ने केवल 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और भारतीय गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की। उनके आक्रामक खेल के दम पर पाकिस्तान ने सिर्फ 12.3 ओवर में 100 रन पूरे कर लिए।
उस्मान खान के आउट होने के बाद भी मिन्हास का आक्रमण नहीं रुका। उन्होंने अहमद हुसैन के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 137 रनों की शानदार साझेदारी की और टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचाया। शतक पूरा करने के बाद भी मिन्हास ने रफ्तार कम नहीं की और केवल 105 गेंदों में 150 रन पूरे कर लिए।
इस पारी के दौरान मिन्हास ने अंडर-19 एशिया कप फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी दर्ज कर लिया। उन्होंने 2012 में कुआलालंपुर में भारत के खिलाफ समी असलम द्वारा बनाए गए 134 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। अंततः 43वें ओवर में दीपसाह देवेंद्रन ने उन्हें आउट किया, तब तक पाकिस्तान का स्कोर 4 विकेट पर 302 रन हो चुका था। समीर की पारी में 17 चौके और 9 छक्के शामिल रहे।
समीर मिन्हास का उभार
समीर मिन्हास का जन्म 2 अक्टूबर 2006 को मुल्तान में हुआ। उन्होंने पाकिस्तान के एज-ग्रुप क्रिकेट सिस्टम में लगातार प्रगति की। पहले उन्होंने मुल्तान रीजन अंडर-13 टीम का प्रतिनिधित्व किया, फिर सदर्न पंजाब अंडर-16 और उसके बाद मुल्तान अंडर-19 टीम के लिए खेले। शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय अंडर-19 टीम में जगह मिली।
अंडर-19 एशिया कप में उन्होंने पहली बार मलेशिया के खिलाफ मुकाबले में सबका ध्यान खींचा। अपने यूथ वनडे डेब्यू में उन्होंने 148 गेंदों में 177 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह उस समय टूर्नामेंट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना, हालांकि बाद में भारत के अभिज्ञान कुंडू की डबल सेंचुरी ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया।
चूंकि मलेशिया ICC का फुल मेंबर नहीं है, इसलिए वह पारी आधिकारिक यूथ ODI रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई। लेकिन अब भारत के खिलाफ खेली गई 172 रनों की पारी, यूथ ODI में किसी भी पाकिस्तानी बल्लेबाज़ का सबसे बड़ा स्कोर बन चुकी है।
शाहजैब खान का रिकॉर्ड टूटा
समीर मिन्हास ने 2024 में भारत के खिलाफ शाहजैब खान द्वारा बनाए गए 159 रनों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह पारी 293 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी का हिस्सा रही, जो अंडर-19 वनडे इतिहास की सबसे बड़ी पार्टनरशिप्स में शामिल है।
टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ के तौर पर उभर रहे समीर मिन्हास को उनके शांत स्वभाव और सधी हुई लेकिन आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए सराहा जाता है। क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य का बड़ा सितारा मान रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि समीर अपने परिवार के पहले क्रिकेटर नहीं हैं। उनके बड़े भाई अराफात मिन्हास पहले ही पाकिस्तान के लिए 2023 एशियन गेम्स में चार T20I मैच खेल चुके हैं और पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स व मुल्तान सुल्तांस की ओर से भी नज़र आ चुके हैं।


