लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करके चर्चा में आईं उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजनीति से दूरी बनाने और परिवार से नाता तोड़ने का फैसला घोषित कर दिया है। अपनी इस कड़ी प्रतिक्रिया के लिए उन्होंने संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन उल्लेख सिर्फ यहीं तक नहीं रहा—रोहिणी ने एक और नाम सामने रखा: रमीज़।
अब सवाल यह है कि रमीज़ आखिर हैं कौन, जिन पर लालू परिवार के भीतर मतभेद बढ़ाने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि उनका नाम पहले कभी सार्वजनिक चर्चा में प्रमुख रूप से सामने नहीं आया।
कौन हैं रमीज़ नेमत खान?
रोहिणी जिन रमीज़ का जिक्र कर रही हैं, उनका पूरा नाम रमीज़ नेमत खान है। वे लंबे समय से तेजस्वी यादव के बेहद करीब माने जाते हैं—क्रिकेट ग्राउंड से लेकर राजनीति तक, उन्होंने तेजस्वी के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया है। संजय यादव की तरह रमीज़ भी तेजस्वी की कोर टीम का हिस्सा हैं। उनकी भूमिका मुख्यतः सोशल मीडिया मैनेजमेंट, डिजिटल कैंपेनिंग की निगरानी और रणनीति से जुड़ी रहती है। इस काम में सुमित, अदनान और इंजीनियर सुनील उनकी सहायता करते हैं।
मूल पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
रमीज़ उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के भंगहाकला गांव के रहने वाले हैं। वे बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं। उनकी पत्नी जेबा रिजवान ने 2017 में कांग्रेस और 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में तुलसीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि दोनों कोशिशों में उन्हें जीत नहीं मिली। रमीज़ नेमत खान का नाम कई संवेदनशील मामलों में भी सामने आता रहा है।
▪ 2023: कौशांबी जिले में ठेकेदार मोहम्मद शकील अहमद की हत्या के मामले में उन पर आरोप लगाया गया। उसी वर्ष योगी सरकार ने रमीज़ द्वारा खरीदी गई लगभग 4.76 करोड़ रुपये की जमीन जब्त कर ली थी।
▪ गिरफ्तारी और जमानत:
22 जुलाई 2024 को उन्हें गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया। अप्रैल 2025 में उन्हें जमानत मिल गई। बाद में रमीज़ और उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने आदेश दिया कि उनकी किसी भी नई गिरफ्तारी या मुकदमे के लिए स्थानीय अदालत की अनुमति अनिवार्य होगी।
▪ पुराने मामले:
– 2021 में तुलसीपुर पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
– 4 जनवरी 2022 को नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज पप्पू की हत्या के मामले में उन्हें, उनके ससुर रिजवान जहीर और पत्नी जेबा को गिरफ्तार किया गया था। बाद में रमीज़ और जेबा को जमानत मिल गई, जबकि रिजवान जहीर अभी भी जेल में हैं। कुल मिलाकर रमीज़ के खिलाफ बलरामपुर में 9 और कौशांबी में 2 मुकदमे दर्ज हैं।
शिक्षा और शुरुआती जीवन
रमीज़ का जन्म 14 नवंबर 1986 को हुआ। उनके पिता नियामतउल्ला खान जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोशल वर्क विभाग में प्रोफेसर हैं। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड से की, और आगे जामिया मिल्लिया इस्लामिया से Political Science में B.A. और MBA पूरा किया।
क्रिकेट से राजनीति तक का सफर
रमीज़ ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट शुरू किया। उन्होंने दिल्ली के लिए U-14, U-16 और U-19 क्रिकेट खेला। बाद में वे झारखंड चले गए, जहां 2008-09 में उन्हें U-22 टीम का कप्तान बनाया गया। इसी दौरान वे झारखंड की सीनियर टीम में भी चुने गए, जिसकी कप्तानी उस समय सौरभ तिवारी कर रहे थे, और इसी टीम में तेजस्वी यादव भी शामिल थे। रमीज़ ने झारखंड की ओर से 30 फर्स्ट-क्लास और 11 लिस्ट-A मैच खेले। इसी दौरान तेजस्वी और रमीज़ की गहरी दोस्ती बनी।
तेजस्वी यादव की टीम से जुड़ाव
2016 में रमीज़ नेमत खान ने औपचारिक रूप से पार्टी से जुड़ाव शुरू किया। उस समय तेजस्वी उप-मुख्यमंत्री थे। रमीज़ की जिम्मेदारी बैकडोर से लेकर रूटीन मैनेजमेंट, कैंपेन प्लानिंग और विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति तैयार करने तक फैली रही। आज भी वे तेजस्वी यादव की सबसे भरोसेमंद टीम में शामिल माने जाते हैं।


