देश के कई हिस्सों में टायफॉइड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इंदौर, गांधीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु और ग्रेटर नोएडा जैसी जगहों पर लोग दूषित पानी पीने के कारण बीमार पड़ रहे हैं। इनमें डायरिया और टायफॉइड के मरीज शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह समस्या सिर्फ नल के पानी से नहीं हो रही है, बल्कि साफ़ समझे जाने वाले RO पानी से भी लोग प्रभावित हो रहे हैं।
टायफॉइड क्या है और कैसे फैलता है?
टायफॉइड एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जिसे साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया पैदा करता है। यह बैक्टीरिया शरीर में मुंह के रास्ते प्रवेश करता है, आंतों तक पहुँचता है और फिर खून में फैल सकता है।
टायफॉइड के आम लक्षण:
लगातार तेज़ बुखार और सिरदर्द
कमजोरी और थकान
पेट में दर्द
भूख न लगना
दस्त या कब्ज़
टायफॉइड कैसे फैलता है:
बैक्टीरिया दूषित पानी और खाने से फैलता है। अगर पानी में सीवर का पानी या कोई गंदगी मिल गई हो, तो बैक्टीरिया वहां पैदा होकर आसानी से शरीर में पहुंच सकता है।
RO पानी पीने वालों को भी क्यों हो रहा टायफॉइड?
RO पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। अगर RO की समय-समय पर सर्विसिंग न करवाई जाए या खराब हो चुके पार्ट्स बदलवाए न जाएँ, तो यह पूरी क्षमता से काम नहीं करता। नतीजा, पानी उतना साफ़ नहीं रहता जितना हम सोचते हैं।
इसके अलावा, बाहर का खाना, रेस्टोरेंट का खाना या स्ट्रीट फूड खाने से भी टायफॉइड का खतरा बढ़ जाता है। खासकर अगर सब्ज़ियों को सही तरीके से धोया न गया हो, या फलों को दूषित पानी से धोया गया हो। सड़कों पर मिलने वाली चाट या अन्य फास्ट फूड भी गंदे हाथ या पानी से टायफॉइड फैलाने का बड़ा कारण बन सकता है। कई लोग पैकेट वाली बर्फ का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह बर्फ किस पानी से बनी है, यह पता नहीं होता। दूषित पानी से बनी बर्फ भी टायफॉइड का कारण बन सकती है। इसका मतलब साफ़ दिखने वाली चीज़ हमेशा सुरक्षित नहीं होती।
टायफॉइड से बचाव के उपाय:
बाहर का खाना कम से कम खाएं; घर पर खाना बनाएं।
अगर बाहर खाना जरूरी है, तो कच्चा खाना और फास्ट फूड अवॉइड करें।
खाने से पहले हमेशा हाथ धोएं।
RO का फ़िल्टर समय-समय पर बदलते रहें।
टायफॉइड होने पर:
यदि टायफॉइड के लक्षण दिखाई दें, तो खुद से दवा न लें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और दवा का पूरा कोर्स करें। साथ ही पर्याप्त आराम करें और खूब पानी या लिक्विड लें। टायफॉइड की वैक्सीन लगवाना भी मददगार हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। वेबसाइट किसी भी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। लक्षण दिखाई देने पर योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।


