सर्दियां अब विदा ले चुकी हैं और गर्मी ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं परेशान करती हैं, जबकि रात के समय मौसम कुछ ठंडा हो जाता है। ऐसे बदलते मौसम में बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगते हैं। खांसी, जुकाम, छींक और गले की समस्या आम हो जाती है। थोड़ी गर्मी लगते ही ठंडा पानी पी लेना या आइसक्रीम खा लेना भी कई बार गले को खराब कर देता है। हर साल ऐसा होता है, लेकिन आखिर इसकी वजह क्या है? आज हम इसी बारे में जानेंगे और डॉक्टर से समझेंगे कि मौसम बदलते ही सर्दी-खांसी और जुकाम क्यों बढ़ जाते हैं, किन गलतियों से बचना चाहिए और इससे कैसे सुरक्षित रहा जा सकता है।
मौसम बदलते ही तबीयत क्यों बिगड़ती है?
इस बारे में डॉक्टर विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि मौसम बदलने के साथ तापमान में भी बदलाव आता है, और शरीर को अचानक इस परिवर्तन के अनुसार ढलने में समय लगता है। हमारे शरीर में एक संतुलन बनाए रखने वाली प्रणाली होती है, जो मौसम के अनुसार काम करती है। उदाहरण के तौर पर सर्दियों में पसीना कम आता है और पेशाब ज्यादा लगती है, क्योंकि शरीर पानी को अलग तरीके से बाहर निकालता है।
लेकिन जब अचानक ठंड से गर्मी शुरू हो जाती है, तो शरीर तुरंत खुद को ढाल नहीं पाता। शरीर के अंदर का वातावरण एकदम से बदलना आसान नहीं होता। ऐसे समय में पसीना भी सामान्य रूप से नहीं निकल पाता, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है। इसी दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी कुछ कमजोर हो जाती है, जिसके कारण संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है।
गर्मी लगने पर अचानक ठंडी चीजें खाने-पीने से भी गले पर असर पड़ता है। इससे गले की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है और सर्दी-खांसी या जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके अलावा, मौसम बदलते समय कुछ वायरस और बैक्टीरिया तेजी से फैलने लगते हैं। कुछ संक्रमण ठंड में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, जबकि कुछ गर्म और नमी वाले वातावरण में पनपते हैं। कई जगह मच्छरों की संख्या भी बढ़ जाती है। इन सभी कारणों से बीमारियों का खतरा इस समय ज्यादा हो जाता है।
बदलते मौसम में किन गलतियों से बचें?
-बाहर का खाना खाने से बचें
-खुले या असुरक्षित पानी का सेवन न करें
-खासकर बरसात के दौरान पानी दूषित होने की संभावना ज्यादा रहती है
-गंदा पानी या अस्वच्छ भोजन लेने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है
इसलिए इस समय खान-पान को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है
बचाव के उपाय और इलाज
-मौसम के अनुसार कपड़े पहनें
-रोज पर्याप्त और अच्छी नींद लें
-पौष्टिक और संतुलित भोजन करें
-हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें
-दिन और रात के तापमान के अंतर के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें
इन बातों का ध्यान रखने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत बनी रहती है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
अगर इन दिनों आपकी तबीयत भी खराब चल रही है, तो सिर्फ बिना पर्ची वाली दवाओं पर निर्भर न रहें। बेहतर होगा कि डॉक्टर से सलाह लें, जांच करवाएं और सही इलाज कराएं।


