आमतौर पर जब किसी बैंक अकाउंट से पैसे गायब होते हैं, तो इसके पीछे कोई न कोई कॉल, फर्जी लिंक या ओटीपी मांगने की चाल होती है। साइबर फ्रॉड का यही तरीका सबसे ज़्यादा देखने को मिलता है। लेकिन सोचिए, अगर न कोई कॉल आए, न ओटीपी मांगा जाए और फिर भी आपके अकाउंट से पैसे कट जाएं? पहली नज़र में यह नामुमकिन लगता है, लेकिन सच्चाई यह है कि आजकल ऐसा होना बिल्कुल मुमकिन है।
साइबराबाद में एक बार फिर ‘Jumped Deposit’ स्कैम सक्रिय हो गया है, जिसमें बिना कॉल और बिना ओटीपी के अकाउंट खाली किए जा रहे हैं। पूरी बात जानने से पहले एक चेतावनी—इस खबर को पढ़ते समय UPI ऐप पर बैलेंस चेक करने की जल्दी न करें।
सीन 1:
अचानक आपके मोबाइल पर एक एसएमएस आता है। संदेश में लिखा होता है कि किसी अनजान नंबर या UPI ID से आपके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। हैरानी की बात यह होती है कि पैसे वाकई में आपके अकाउंट में क्रेडिट भी हो चुके होते हैं। अब आप क्या करेंगे? बिल्कुल वही, जो हर कोई करता है—फौरन UPI ऐप खोलकर बैलेंस चेक करने की कोशिश।
सीन 2:
कुछ देर बाद किसी अनजान नंबर से कॉल आता है। कॉल करने वाला बताता है कि उससे गलती से आपके अकाउंट में UPI के ज़रिए पैसे ट्रांसफर हो गए हैं और वह रकम वापस चाहता है। इस बार भी कहानी वही होती है—पैसे सच में आपके अकाउंट में आए होते हैं। और आप फिर से बैलेंस चेक करने के लिए UPI ऐप खोलते हैं।
यहीं से खेल शुरू होता है। जैसे ही आप बैलेंस चेक करने के लिए UPI पिन डालते हैं, आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। न कोई ओटीपी, न कोई संदिग्ध कॉल—बस एक झटके में रकम गायब। यही है ‘Jumped Deposit’ स्कैम।
इस नए साइबर फ्रॉड को सबसे पहले तमिलनाडु की साइबर क्राइम विंग ने पकड़ा था। खास बात यह है कि इस स्कैम में न तो आपके फोन में कोई सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होता है और न ही कोई ओटीपी आता है, फिर भी अकाउंट हैक हो जाता है। अपराधी इसके लिए UPI ट्रांजैक्शन रिवर्सल सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं।
दरअसल, अगर किसी से गलती से UPI ट्रांजैक्शन हो जाए तो उसे रिवर्स किया जा सकता है। इसके लिए बैंक में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है या फिर NPCI यानी National Payments Corporation of India के ज़रिए अनुरोध किया जा सकता है। कई बैंक अपने ऐप में भी ट्रांजैक्शन रिवर्स करने की सुविधा देते हैं।
साइबर अपराधी इसी प्रक्रिया का फायदा उठा रहे हैं। वे आमतौर पर कम से कम 5,000 रुपये आपके अकाउंट में ट्रांसफर करते हैं, ताकि मामला विश्वसनीय लगे। इसके बाद जो एसएमएस आता है, उसमें रकम के साथ बैलेंस चेक करने का एक लिंक भी दिया होता है। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आप सीधे अपने UPI ऐप में पहुंच जाते हैं। पिन डालते ही असली खेल शुरू होता है—5,000 की जगह 50,000 रुपये अकाउंट से कट जाते हैं।
दरअसल, अपराधी पहले ही ऐप के ज़रिए बड़ी रकम की रिवर्स रिक्वेस्ट डाल चुके होते हैं। जैसे ही आप पिन डालते हैं, वही रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाती है और चंद सेकेंड में अकाउंट साफ़।


