वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। दिल्ली-NCR ही नहीं, बल्कि देश के कई शहर इस वक्त गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। लेकिन सवाल यह है कि प्रदूषण आखिर शरीर को नुकसान क्यों पहुंचाता है और इसका आंखों, नाक और गले पर क्या असर पड़ता है? आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।
हवा में मौजूद प्रदूषकों में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और ग्राउंड लेवल ओज़ोन शामिल हैं। इनमें सबसे खतरनाक होते हैं PM 2.5 और PM 10, जो हवा में लंबे समय तक तैरते रहते हैं। सांस के ज़रिए ये सूक्ष्म कण शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और फेफड़ों, दिल, दिमाग और शरीर के दूसरे टिश्यूज़ को नुकसान पहुंचाते हैं। जब इंडस्ट्रीज़, गाड़ियां और अन्य स्रोतों में फॉसिल फ्यूल जलता है, तो उससे जहरीली गैसें निकलती हैं। यही गैसें पार्टिकुलेट मैटर बनाती हैं, जो धीरे-धीरे शरीर पर गंभीर असर डालती हैं।
ENT यानी कान, नाक और गले पर असर
प्रदूषण की वजह से गले में खिच-खिच होने लगती है। आवाज़ भारी या बदली-बदली सी लग सकती है। बोलने में परेशानी, जल्दी थकान, सांस लेने में दिक्कत और लगातार सूखी खांसी आम लक्षण हैं। आंखों में जलन, गले में खराश और अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन की शिकायत भी हो सकती है। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज (COPD) जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कब सतर्क होना ज़रूरी है?
अगर सांस फूलने लगे, बार-बार हांफना पड़े, सीने से घरघराहट की आवाज़ आए या कई हफ्तों से सूखी खांसी ठीक न हो रही हो, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। खांसी या बलगम में खून आना, भूख न लगना, बिना वजह वजन कम होना — ये सभी संकेत गंभीर हो सकते हैं।
इसके अलावा अगर होंठ नीले पड़ने लगें या निगलने में लगातार दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लेना ज़रूरी है।
बचाव के उपाय
अगर आप सुबह वॉक या जॉगिंग करते हैं, तो बाहर जाने के बजाय घर के अंदर एक्सरसाइज़ करें। घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। बाहर निकलना ज़रूरी हो, तो मास्क पहनना न भूलें। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें और कोशिश करें कि घर के दरवाज़े-खिड़कियां ज़्यादातर बंद रहें, खासकर सुबह के समय जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है। जहां तक संभव हो, प्रदूषित माहौल से दूरी बनाए रखें। जब तक हवा साफ़ नहीं होती, मास्क आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। बाहर निकलते समय इसे ज़रूर पहनें।
कौन सा मास्क बेहतर?
N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें। घर के अंदर रहें तो एयर प्यूरीफायर चालू रखें।


