आजकल हार्ट अटैक की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई बार लोग बच सकते हैं, लेकिन सही समय पर सही मदद न मिल पाने की वजह से हालत बिगड़ जाती है. खासकर उस समय जब इंसान अकेला हो और अचानक हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस होने लगें.
हार्ट अटैक क्यों होता है?
जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नस पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है, तो हार्ट अटैक होता है. ऐसी स्थिति में छाती में दर्द या भारीपन महसूस होता है. ये दर्द कभी छाती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जबड़े, पीठ, पेट, कंधों और दोनों हाथों तक भी फैल सकता है.
हार्ट अटैक के संकेत क्या हो सकते हैं?
छाती में दबाव, कसाव या जलन
सांस लेने में परेशानी
अचानक पसीना आना
चक्कर आना या घबराहट होना
पेट में भारीपन या गैस जैसा महसूस होना
कुछ मामलों में दर्द बिल्कुल नहीं होता. इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है. ये ज़्यादातर डायबिटीज़ के मरीजों, महिलाओं, किडनी के मरीजों और बुज़ुर्गों में देखने को मिलता है.
अगर हाल ही में ये बदलाव महसूस हो रहे हों:
पहले जितना चल नहीं पा रहे
थोड़ी सी सीढ़ियां चढ़ते ही थकान
खाना खाने के बाद बेचैनी और दवा लेने पर भी राहत न मिलना
तो ये भी हार्ट की परेशानी के संकेत हो सकते हैं.
अगर हार्ट अटैक के लक्षण आते समय आप अकेले हों, तो क्या करें?
घबराएं नहीं, सबसे पहले शांत रहें.
शरीर को जितना हो सके आराम की स्थिति में रखें.
ज़्यादा हिलने-डुलने से बचें.
सिर्फ वही दवा लें जो पहले से डॉक्टर द्वारा कभी सलाह में बताई गई हो — बिना सलाह के कोई दवा न लें.
घर पर सोर्बिट्रेट जैसी दवा अक्सर रखी जाती है, जो जीभ के नीचे रखी जाती है, लेकिन इसे भी सिर्फ पहले से सलाह मिली हो तभी लें.
हार्ट अटैक के पहले संकेत आने के बाद कितना समय होता है?
पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण है. इस दौरान चिकित्सा सहायता मिल जाए तो जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.
अस्पताल पहुंचने पर:
ECG
ECHO
करके स्थिति की जांच की जाती है.
अगर रिपोर्ट्स में कन्फर्मेशन न भी मिले, तो भी एंजियोग्राफी से सही स्थिति साफ हो जाती है. ये लगभग 10–15 मिनट का छोटा-सा प्रोसीजर है, जिससे पता चल जाता है कि दिल की नसों में ब्लॉकेज कितना और कहां है. ज़िंदगी में बहुत कुछ हमारा कंट्रोल में नहीं होता, लेकिन जानकारी हमेशा हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा होती है। सही बातें सही समय पर जानना — जान बचा सकता है।
इस लेख में दी गई जानकारी केवल स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। हार्ट अटैक या किसी भी हृदय संबंधी समस्या की आशंका होने पर तुरंत नज़दीकी अस्पताल या प्रमाणित चिकित्सा विशेषज्ञ से संपर्क करें। स्वयं उपचार करने का प्रयास न करें।


