गुरुवार, 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार बढ़त देखी गई। वायदा बाजार में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई, जबकि सोना लगभग 1.8 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के करीब पहुंच गया।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 5 फरवरी 2026 के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 9,954 रुपये यानी करीब 6% की बढ़त के साथ 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। वहीं, 5 मार्च 2026 के सिल्वर फ्यूचर्स 15,414 रुपये यानी लगभग 5% की वृद्धि के साथ 4,00,780 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गए। इन दोनों धातुओं ने अपने-अपने रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई को छू लिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी ने नए रिकॉर्ड बनाए। स्पॉट गोल्ड में लगभग 3% की बढ़त हुई और यह 5,591.61 डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
MCX यानी Multi Commodity Exchange भारत का प्रमुख कमोडिटी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहाँ सोना, चांदी, कच्चा तेल, कॉपर और नैचुरल गैस जैसी वस्तुओं की खरीद-फरोख्त होती है। यह शेयर बाजार की तरह ही काम करता है, लेकिन यहाँ कंपनियों के शेयर नहीं बल्कि वस्तुओं के वायदा (फ्यूचर्स) ट्रेड होते हैं।
वायदा भाव का मतलब है कि किसी वस्तु को भविष्य की तय तारीख पर, आज तय की गई कीमत पर खरीदा या बेचा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर सोने का वायदा भाव 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है और डिलीवरी की तारीख 5 फरवरी है, तो ट्रेडर अभी इस कीमत पर सौदा कर सकते हैं, लेकिन सोने की वास्तविक डिलीवरी निर्धारित तारीख को होगी।
सोना और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे मुख्य कारण दुनिया भर में बढ़ता राजनैतिक तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर चेतावनी दी है और अमेरिका लगातार खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ “विशाल युद्धपोत बेड़ा” बढ़ रहा है।
ऐसे समय में, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, युद्ध, महंगाई या शेयर बाजार में गिरावट जैसी स्थितियां बनती हैं, निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। इसे सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा, अमेरिका का सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व अगर ब्याज दरों को स्थिर रखता है, तो यह भी सोने और चांदी की मांग को बढ़ावा देता है।


