दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के अंतिम दिन एक अप्रत्याशित घटना सामने आई, जब कुछ युवक अचानक एक हॉल में घुस आए और टी-शर्ट उतारकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। बताया जा रहा है कि ये सभी इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी ‘PM is compromised’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले को ‘राष्ट्रीय शर्म’ बताया है।
आजतक से जुड़े पत्रकार अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने जानकारी दी कि करीब 10 लोग QR कोड स्कैन करके अंदर पहुंचे थे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें हॉल से बाहर निकाला। इनमें से 5 लोगों को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने ले जाया गया।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी एक कतार में खड़े हैं और फिर अचानक अपनी टी-शर्ट उतारकर हॉल के अंदर मार्च करते हुए नारे लगाने लगते हैं। उनकी टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपी हुई थी।
इस घटना को लेकर इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने X (ट्विटर) हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारत की विदेश नीति पर कॉर्पोरेट प्रभाव साफ झलक रहा है। इसी के विरोध में ‘PM compromised’ के नारे लगाए गए। संगठन ने यह भी कहा कि वे AI समिट के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि देशहित से जुड़े मुद्दों पर हो रहे समझौतों का विरोध कर रहे हैं।
एक अन्य पोस्ट में यूथ कांग्रेस ने कहा कि जब किसानों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा हो, देश विरोधी समझौते किए जा रहे हों और युवाओं को बेरोजगारी व नफरत की राजनीति में धकेला जा रहा हो, तब चुप रहना संभव नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे ‘राष्ट्रीय शर्म’ करार देते हुए कहा कि जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक AI सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है, ऐसे समय में इस तरह का विरोध प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया।
यह AI समिट 17 तारीख से शुरू हुआ था, जिसमें दुनियाभर की बड़ी टेक कंपनियों के CEO और कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुंदर पिचाई और सैम अल्टमैन भी मौजूद रहे।


