एफआईएच प्रो हॉकी लीग के आगामी सीजन के लिए भारतीय हॉकी टीम का ऐलान कर दिया गया है। हॉकी इंडिया द्वारा घोषित 33 सदस्यीय टीम में पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह का नाम शामिल नहीं किया गया है। इस फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मनप्रीत सिंह के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी पड़ाव हो सकता है।
मनप्रीत के अलावा दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को भी संभावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर रखा गया है। हॉकी इंडिया का यह फैसला सभी को चौंकाने वाला माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
सूत्रों का कहना है कि यह फैसला पिछले साल दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान हुई एक अनुशासनहीनता की घटना से जुड़ा है। टीम इंडिया ने 7 से 10 दिसंबर के बीच दक्षिण अफ्रीका में दो टेस्ट मैच और एक अभ्यास मुकाबला खेला था। इसी दौरे के दौरान अनुशासन उल्लंघन का मामला सामने आया।
दरअसल, उस समय खिलाड़ी सुखजीत सिंह टीम मीटिंग से नदारद थे। बाद में जानकारी सामने आई कि मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक ने सुखजीत को प्रतिबंधित पदार्थ मिली च्युइंग गम खिला दी थी, जिससे वह बेहोश हो गए। पूरी रात उनकी देखरेख करनी पड़ी और अगली सुबह वह टीम मीटिंग में शामिल नहीं हो सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद तीनों खिलाड़ियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी। हालांकि, उन्हें उसी समय कैंप से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था।
टीम की घोषणा के बाद यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि यह फैसला हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के प्रभाव में लिया गया है। दरअसल, दिलीप टिर्की के नाम भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 412 मुकाबले खेले हैं, जबकि मनप्रीत सिंह 411 मैच खेल चुके हैं और वह इस रिकॉर्ड की बराबरी से सिर्फ एक मैच दूर थे।
हालांकि, भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने इन अटकलों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अपने बयान में कोच क्रेग फुल्टन ने कहा,
“हीरो हॉकी इंडिया लीग के बाद हमें लगा कि टीम में बदलाव का यह सही समय है। कुछ खिलाड़ियों को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है। हमने उन खिलाड़ियों को मौका दिया है जिनका प्रदर्शन हाल के समय में बेहतर रहा है। राउरकेला और होबार्ट में होने वाले प्रो लीग मैचों को ध्यान में रखते हुए टीम का चयन किया गया है। यह पूरी तरह चयन प्रक्रिया का हिस्सा है। वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स नजदीक हैं और हम धीरे-धीरे टीम को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहे हैं।”
टीम में चुने गए सभी खिलाड़ी अब राउरकेला में आयोजित होने वाले कैंप में हिस्सा लेंगे। यह कैंप 1 से 7 फरवरी तक चलेगा। एफआईएच प्रो हॉकी लीग के मुकाबले बिरसा मुंडा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में 10 से 15 फरवरी के बीच खेले जाएंगे। इसके बाद 21 से 25 फरवरी के बीच टीम होबार्ट में मुकाबले खेलेगी, जबकि यूरोपियन लेग जून महीने में शुरू होगा।


