Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal में बड़ा नेतृत्व बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्रुप CEO दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह अब Blinkit के CEO अलबिंदर ढिंढसा (Albinder Dhindsa) Eternal के नए ग्रुप CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस बदलाव की जानकारी कंपनी ने 21 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज को दी।
दीपिंदर गोयल Eternal के फाउंडर भी हैं। उन्होंने शेयरधारकों को लिखे अपने पत्र में कहा, “मैं ग्रुप CEO के पद से हट रहा हूं और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, बोर्ड में वाइस चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहूंगा। अलबिंदर ढिंढसा Eternal के नए ग्रुप CEO होंगे।”
अपने पत्र में गोयल ने इस्तीफे की वजह भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह अब कुछ नए और अधिक जोखिम वाले आइडियाज पर काम करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह के प्रयोग किसी पब्लिक यानी लिस्टेड कंपनी के भीतर करना सही नहीं होता। गोयल ने यह भी कहा कि यदि ये आइडियाज Eternal की रणनीतिक सीमाओं के भीतर होते, तो वह इन्हें कंपनी के अंदर ही आगे बढ़ाते, लेकिन ऐसा नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले Moneycontrol ने रिपोर्ट किया था कि दीपिंदर गोयल अपने दूसरे वेंचर्स के लिए फंड जुटाने में ज्यादा समय दे रहे हैं। दिसंबर में Moneycontrol ने एक्सक्लूसिव तौर पर बताया था कि गोयल अपने नए स्टार्टअप Temple के लिए Zomato के शुरुआती निवेशकों से करीब 50 मिलियन डॉलर (लगभग 450 करोड़ रुपये) जुटाने की तैयारी कर रहे हैं।
इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में Moneycontrol की एक और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कहा गया था कि गोयल स्पेस टेक कंपनी Pixxel के एक नए फंडिंग राउंड का नेतृत्व कर सकते हैं। इसमें वह व्यक्तिगत रूप से करीब 2.5 करोड़ डॉलर (लगभग 230 करोड़ रुपये) का निवेश कर सकते हैं। साथ ही, गोयल Continue नाम की एक रिसर्च यूनिट भी संचालित करते हैं। वहीं, Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal ने 21 जनवरी 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (तीसरी तिमाही) के नतीजे भी घोषित किए। दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।
कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 73% बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 59 करोड़ रुपये था। यह जानकारी कंपनी के कंसॉलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में दी गई है।इसके साथ ही, कंपनी की मुख्य परिचालन आय में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। तीसरी तिमाही में यह 201% बढ़कर 16,315 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 5,405 करोड़ रुपये थी।


