अमेरिका ने आखिरकार कुख्यात गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को आख़िर कार भारत वापस भेज दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे अनमोल को भारत में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में वांछित घोषित किया गया था और NIA ने उसे अपनी मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल कर रखा था। उस पर फिरौती, सुपारी किलिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय गैंग ऑपरेशन चलाने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।
फर्जी पासपोर्ट पर विदेश में छिपा था अनमोल
2023 में अनमोल एक फर्जी पासपोर्ट के सहारे भारत से भाग निकला था। पहचान छिपाने के लिए उसने कई नामों का इस्तेमाल किया और लगातार लोकेशन बदलता रहा। लेकिन नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के इमिग्रेशन विभाग ने ‘भानु’ नाम से बने एक भारतीय पासपोर्ट की जांच के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी पकड़ी। विस्तृत पूछताछ के बाद असली पहचान सामने आई—वह व्यक्ति दरअसल अनमोल बिश्नोई ही था। अमेरिकी अधिकारियों ने तुरंत FBI को अलर्ट किया, जिसने मामले को भारतीय एजेंसियों तक पहुंचाया। जांच में यह भी सामने आया कि 2022 में अनमोल और उसका सहयोगी सचिन थापा नेपाल, दुबई और केन्या होते हुए जाली दस्तावेजों के जरिए अमेरिका पहुंचे थे।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मास्टरमाइंड
अनमोल बिश्नोई का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में 12 अक्टूबर 2024 को आया, जब मुंबई के बांद्रा में एनसीपी के वरिष्ठ नेता और सलमान खान के करीबी माने जाने वाले बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे के ऑफिस के बाहर हुई इस वारदात ने पूरे देश को हिला दिया था। MCOCA के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में कई आरोपियों के फोन से एक ऑडियो क्लिप मिली, जिसमें हत्या के निर्देश देने वाली आवाज़ अनमोल की बताई गई। इसी आधार पर पुलिस की चार्जशीट में उसे इस मर्डर का मास्टरमाइंड घोषित किया गया।
विदेश से चलाता था लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क
भले ही लॉरेंस बिश्नोई पिछले कई सालों से साबरमती जेल में बंद है, लेकिन उसका गैंग देशभर में सक्रिय रहा। विदेश में बैठे अनमोल को इस नेटवर्क का मुख्य ऑपरेटर माना जाता है। एक गुप्त रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई गिरोह ने विदेशों में भी बड़े पैमाने पर नेटवर्क तैयार कर लिया था और फिरौती से आए पैसों को स्पोर्ट्स क्लब, यॉट्स, फिल्म प्रोजेक्ट्स, रियल एस्टेट और यहां तक कि कनाडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइज़ में निवेश किया गया था। अनमोल एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए अपने गुर्गों से संपर्क में रहता था और अपनी लोकेशन व पहचान को लगातार बदलता रहता था।
31 केस दर्ज, 10 लाख का इनाम
अनमोल के खिलाफ भारत में कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं—जिनमें से 22 राजस्थान में हैं। हत्या, किडनैपिंग, फिरौती और टारगेट शूटिंग जैसे मामलों में उसके नाम पर 9 गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। NIA ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों में भी नाम
अनमोल का नाम केवल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड तक सीमित नहीं है। सिद्धू मूसेवाला हत्या में विदेश से प्लानिंग और सपोर्ट देने का आरोप भी उसी पर है। अप्रैल 2024 में सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी अनमोल ने ली थी। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था ताकि वह देश से भाग न सके और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
भारत ने जनवरी 2025 में अमेरिका से उसके औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग की थी। अमेरिकी एजेंसियों ने सभी केसों की डिटेल की छानबीन के बाद डिपोर्टेशन को मंजूरी दी। अब 19 नवंबर को अनमोल को भारत वापस लाया गया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही NIA की टीमें तैनात हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब अगला चरण—कस्टडी, पूछताछ और केसों की कानूनी प्रक्रिया—शुरू हो गई है।


