क्या आपने कभी ऐसा तेज गेंदबाज देखा है, जिसकी गेंद से बल्लेबाज की हड्डियां कांप उठें? अरे देखा ही होगा… क्या आपने कभी कोई ऐसा भारतीय तेज गेंदबाज देखा है, जिसकी गेंद से बल्लेबाज की हड्डियां कांप उठें? क्या लगता है आपको कपिल देव, जहीर खान, मोहम्मद शमी, सिराज या फिर बुमराह? आ हां… इनमें से कोई नहीं
आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं एक ऐसी ही कहानी, जब भारत के धाकड़ गेंदबाज की एक खतरनाक गेंद ने विपक्षी बल्लेबाज को हिलाकर रख दिया था।
जवागल श्रीनाथ: भारतीय क्रिकेट का स्पीड स्टार
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की लिस्ट भले ही छोटी हो, लेकिन जो नाम हमेशा याद किए जाते हैं, उनमें जवागल श्रीनाथ का नाम सबसे ऊपर है। श्रीनाथ न केवल सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते थे, बल्कि उनकी गति 150 किमी प्रति घंटे से भी अधिक होती थी।
90 के दशक में, जब भारतीय टीम में तेज गेंदबाजों की कमी खलती थी, तब श्रीनाथ ने अकेले अपने दम पर विरोधी बल्लेबाजों के होश उड़ा रखे थे। उनकी गेंदबाजी में रफ्तार और स्विंग का ऐसा संतुलन था कि दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज उनकी गेंदों का सामना करने से घबराते थे।
150 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी करने वाले श्रीनाथ ने कई बार विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों को अपनी तेज बाउंसर और यॉर्कर से धूल चटाई। लेकिन 1997 का भारत बनाम जिम्बाब्वे मैच, उनकी रफ्तार का वो नमूना था, जिसने उनकी विरासत को और मजबूत कर दिया।
1997 का वो खौफनाक दिन
यह किस्सा है 1997 में भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए मैच का, जो दक्षिण अफ्रीका के बोलैंड बैंक पार्क में हुआ था। इस मैच में श्रीनाथ भारतीय गेंदबाजी अटैक को लीड कर रहे थे और उनकी गति उस दिन अपने चरम पर थी।
जिम्बाब्वे के बल्लेबाज ग्रांट फ्लावर क्रीज पर थे। श्रीनाथ ने रफ्तार से भरी एक गेंद फेंकी, जो सीधी फ्लावर के थाई-पैड पर जाकर लगी। गेंद इतनी तेज थी कि फ्लावर दर्द से कराह उठे। कुछ पल के लिए तो ऐसा लगा जैसे उनकी टांग टूट गई हो! गेंद की गति इतनी तेज थी कि ग्रांट फ्लावर दर्द से तिलमिला उठे और तुरंत मैदान पर फिजियो बुलाना पड़ा।
फ्लावर का बयान: “श्रीनाथ थे सबसे तेज़
मैच के बाद, जिम्बाब्वे के कप्तान एलेस्टेयर कैंपबेल ने भी श्रीनाथ की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा,”मैंने एलन डोनाल्ड जैसे तेज गेंदबाजों का सामना किया है, लेकिन श्रीनाथ ने उनसे भी तेज गति से गेंदबाजी की।”
यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए गर्व की बात थी। उस मैच में श्रीनाथ की स्पीड 150 किमी/घंटे से भी ज्यादा मापी गई, जो डोनाल्ड से 10 किमी/घंटे तेज थी।
गति के दूत: श्रीनाथ का करियर
जवागल श्रीनाथ ने भारतीय क्रिकेट के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए। वे 1990 से 2003 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे और कुल 315 वनडे विकेट और 236 टेस्ट विकेट अपने नाम किए।
श्रीनाथ ने 4 वर्ल्ड कप खेले और 2003 में भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
क्यों खास हैं श्रीनाथ का यह रिकॉर्ड?
श्रीनाथ का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय क्रिकेट के लिए तेज गेंदबाज तैयार करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। पिचों की स्थिति और कंडीशन तेज गेंदबाजों के अनुकूल नहीं रहती थी, लेकिन श्रीनाथ ने इस मुश्किल को मात दी। उन्होंने भारतीय टीम में वो स्पार्क लाया जिसकी उस समय जरूरत थी।
श्रीनाथ ने न केवल रफ्तार से बल्कि अपनी सटीकता और स्विंग से भी बल्लेबाजों को परेशान किया। ये वाकया इस बात का प्रमाण है कि उनकी गेंदबाजी में वो आक्रामकता और ताकत थी, जो किसी भी बल्लेबाज को बैकफुट पर ला सकती थी।
यह घटना सिर्फ श्रीनाथ की गेंदबाजी रफ्तार का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह भी बताती है कि आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर कोई भी असंभव को संभव बना सकता है।
तो दोस्तों, अगर आपको भी श्रीनाथ के इस किस्से से प्रेरणा मिली हो, तो वीडियो को लाइक और शेयर करें। हमें कमेंट्स में बताएं कि आपके फेवरेट तेज गेंदबाज कौन हैं। और हां, क्रिकेट की ऐसी ही रोमांचक कहानियों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें!