क्या आप जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा इतिहास रच दिया था, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया था? 1990 में उन्होंने वो कर दिखाया, जो आज तक सिर्फ गिने-चुने खिलाड़ी ही कर पाए हैं। चलिए, जानते हैं इस ऐतिहासिक लम्हे की पूरी कहानी।”
कपिल देव: भारतीय क्रिकेट का सुनहरा सितारा
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक, कपिल देव ने न केवल 1983 में भारत को पहला वर्ल्ड कप जिताया, बल्कि अपने प्रदर्शन से दुनियाभर में भारतीय क्रिकेट का डंका बजाया। लेकिन 30 जुलाई 1990 का दिन कपिल देव के करियर और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का एक ऐसा दिन था, जिसने उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया।
ऐतिहासिक लम्हा: लगातार चार छक्के
30 जुलाई 1990, भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच। भारतीय टीम मुश्किल में थी, फॉलो-ऑन से बचना जरूरी था। उस समय मैदान पर मौजूद थे कपिल देव। उन्होंने इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर एडि हेमिंग्स की आखिरी चार गेंदों पर लगातार चार छक्के लगाकर ऐसा कारनामा किया, जो उस वक्त टेस्ट क्रिकेट में किसी ने नहीं किया था। कपिल देव के इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम फॉलो-ऑन से बच गई। यह न केवल कपिल के करियर का ऐतिहासिक क्षण था, बल्कि क्रिकेट के इतिहास में भी एक अद्भुत घटना बन गया।
कैसे बदला मैच का रुख?
इस मैच में कपिल देव ने जिस आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी की, वह देखने लायक थी। आखिरी चार गेंदों पर छक्के लगाने के बाद, कपिल के साथी बल्लेबाज नरेंद्र हिरवानी 11 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन कपिल ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।
कपिल देव का क्रिकेट करियर
कपिल देव के क्रिकेट आंकड़े उनकी महानता की कहानी खुद बयां करते हैं: कपिल देव भारतीय टीम के सबसे सफल ऑलराउंडर में से एक रहे हैं। कपिल ने 131 टेस्ट और 225 वनडे मैचों में प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट में कपिल ने बल्लेबाजी के दौरान 31.05 की औसत से 5248 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 27 अर्द्धशतक और 8 शतक लगाए। वहीं वनडे क्रिकेट में उन्होंने 23.39 की औसत से 3783 रन बनाए। वनडे में कपिल ने 14 अर्द्धशतक और 1 शतक लगाए।
वहीं गेंदबाजी की बात की जाए तो कपि ने टेस्ट क्रिकेट में 2.78 की औसत से 434 विकेट लिए। टेस्ट में कपिल ने 23 बार पांच यह इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है। इसके अलावा वनडे में उन्होंने 253 विकेट अपने नाम किए हैं। कपिल देव का हरफनमौला खेल उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक बनाता है।
इस पारी का महत्व
1990 में कपिल देव का यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट की जुझारू भावना का प्रतीक था। यह दिखाता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हौसला हो, तो इतिहास रचा जा सकता है।
कपिल देव के इन चार छक्कों ने न केवल भारतीय क्रिकेट को मजबूती दी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि असली हीरो वही है जो मुश्किल समय में टीम को संभाले। क्या आपको लगता है कि आज के दौर में कोई खिलाड़ी ऐसा कर सकता है? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।