आजकल हेयर एक्सटेंशन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोग इनका इस्तेमाल अपने बालों को लंबा, घना और स्टाइलिश दिखाने के लिए करते हैं। खासतौर पर शादी, पार्टी या किसी खास मौके पर हेयर एक्सटेंशन काफी लोकप्रिय हो गए हैं। हालांकि, कुछ लोग इन्हें सिर्फ कुछ घंटों या दिनों के लिए नहीं, बल्कि हफ्तों या महीनों तक लगाए रखते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
11 फरवरी 2026 को Environment & Health जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में इस खतरे को उजागर किया गया। वैज्ञानिकों ने 43 तरह के हेयर एक्सटेंशन की जांच की, जिनमें नकली बाल, असली बाल, नकली पलकें और पौधों से बने एक्सटेंशन शामिल थे। जांच में 900 से ज्यादा केमिकल्स पाए गए, जिनमें से 169 की स्पष्ट पहचान हुई। इनमें फ्थेलेट्स, कीटनाशक, ऑर्गेनोटिन और फायर-रिटार्डेंट केमिकल्स शामिल थे। ये सभी शरीर के हॉर्मोन, इम्यून सिस्टम और वजन पर असर डाल सकते हैं।
इसलिए जरूरी है कि जो लोग हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसके जोखिमों की सही जानकारी हो। आइए समझते हैं कि हेयर एक्सटेंशन क्या होते हैं, इनमें कौन-कौन से केमिकल्स होते हैं और ये शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हेयर एक्सटेंशन क्या होते हैं?
हेयर एक्सटेंशन असली या कृत्रिम बालों की लटें होती हैं, जिन्हें आपके बालों में जोड़ा जाता है। इन्हें गोंद (ग्लू) या क्लिप की मदद से लगाया जाता है। क्लिप वाले एक्सटेंशन अस्थायी होते हैं, जबकि ग्लू से लगाए गए एक्सटेंशन लंबे समय तक टिक सकते हैं।
हेयर एक्सटेंशन से होने वाले नुकसान
हेयर एक्सटेंशन प्राकृतिक नहीं होते, इसलिए इन्हें तैयार करने और लगाने की प्रक्रिया में कई तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। अगर लंबे समय तक इन्हें बालों में लगाया जाए, तो ये केमिकल्स शरीर पर असर डाल सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 150 से ज्यादा प्रकार के केमिकल्स हेयर एक्सटेंशन में पाए जा सकते हैं, जिनमें से बहुत कम ही पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। कुछ केमिकल्स ऐसे भी हैं, जिनका संबंध कैंसर और हॉर्मोनल असंतुलन से जोड़ा गया है। हालांकि, इनका सीधा प्रभाव अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, लेकिन खतरा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कौन-कौन से केमिकल्स होते हैं?
-फॉर्मेल्डिहाइड और बेंजीन: ये ग्लू में पाए जाते हैं, जो बालों को चिपकाने के लिए इस्तेमाल होते हैं।
-फ्थेलेट्स और पैराबेन: ये एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करते हैं और हॉर्मोन असंतुलन पैदा कर सकते हैं।
-ऑर्गेनोटिन कंपाउंड्स: ये इम्यून सिस्टम पर असर डाल सकते हैं।
– कुछ केमिकल्स का संबंध ब्रेस्ट और थायरॉइड कैंसर से भी जोड़ा गया है।
ये केमिकल्स शरीर में कैसे पहुंचते हैं?
हेयर एक्सटेंशन लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ग्लू सीधे स्किन के संपर्क में आता है। त्वचा इन केमिकल्स को सोख सकती है। अगर लंबे समय तक एक्सटेंशन लगाए रखें जाएं, तो ये केमिकल्स शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बचाव कैसे करें?
-हमेशा भरोसेमंद और स्टैंडर्ड ब्रांड के हेयर एक्सटेंशन ही इस्तेमाल करें
-प्रोडक्ट पर लिखे केमिकल्स और प्रोसेसिंग की जानकारी जरूर पढ़ें
-लंबे समय तक लगातार एक्सटेंशन लगाने से बचें
-बीच-बीच में बालों और स्किन को आराम दें
-किन लोगों को इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?
-जिन्हें पहले से किसी केमिकल से एलर्जी या साइड इफेक्ट हो चुका हो
-गर्भवती महिलाओं को हेयर एक्सटेंशन से बचना चाहिए
-हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल केवल थोड़े समय के लिए ही सुरक्षित माना जाता है
हेयर एक्सटेंशन आपके लुक को बेहतर जरूर बनाते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि इन्हें सीमित समय के लिए ही इस्तेमाल किया जाए और सही जानकारी के साथ ही चुना जाए।


